
पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही पर नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) जिलाध्यक्ष ईशानवीर मान के नेतृत्व में पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने बुधवार को अति. जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर श्रीगंगानगर शहर के तीन होटलों में 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची को बेचकर उसके साथ 30 से अधिक लोगों द्वारा दुष्कर्म तथा देह व्यापार कराने की हृदयविदारक व शर्मनाक घटना पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कठोरतम सजा दिलाने की मांग की है। जिलाध्यक्ष ईशानवीर मान ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि महाराजा गंगासिंह की पावन धरा पर हुई मानवता को झकझोरने वाली यह घटना कानून-व्यवस्था तथा महिला व बाल सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है, जिससे एनएसयूआई पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, छात्रों तथा आमजन में भारी रोष है। इस अमानवीय कृत्य के दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।एनएसयूआई ने पुलिस प्रशासन से पुरजोर शब्दों में मांग की है कि मामले की जांच बेहद संवेदनशीलता और तत्परता के साथ करते हुए मानव तस्करी, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट तथा देह व्यापार के इस घिनौने रैकेट में शामिल सभी आरोपियों, संबंधित होटल संचालकों, मैनेजरों और आरोपी रिक्शा चालक के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाए। इसके साथ ही अवैध गतिविधियों के अड्डे बन चुके इन तीनों होटलों को तुरंत सील कर इनके लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द किए जाएं।भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने शहर के अन्य होटलों तथा संदिग्ध ठिकानों की भी औचक व गहन चेकिंग करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो। जिलाध्यक्ष ईशानवीर मान ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पीड़ित बच्ची को न्याय दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा त्वरित, उच्च स्तरीय व निष्पक्ष कार्यवाही नहीं की गई, तो एनएसयूआई द्वारा धरना-प्रदर्शन तथा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष ईशानवीर मान, उपाध्यक्ष सम्यक भादू, महासचिव वरजिन्द्र सिंह, सचिव दीपांशु वर्मा, देवेन्द्र मान, अनमोल ओलख, गोविंद वेदा, एमपी सिंह, वरुण धींगड़ा, गुरविन्द्र सिंह, हरविन्द्र सिंह, सुनील घोड़ेला सहित एनएसयूआई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
