
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) देश की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में से एक, पवित्र अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ इस वर्ष 3 जुलाई से होने जा रहा है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा ने यात्रा कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह यात्रा पूरे 57 दिनों तक चलेगी और रक्षाबंधन के पावन अवसर पर 28 अगस्त को समाप्त होगी।अमरनाथ गुफा समुद्र तल से लगभग 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां प्राकृतिक रूप से बनने वाले बर्फ के शिवलिंग के दर्शन के लिए हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। बाबा बर्फानी के इस पवित्र दर्शन के लिए इस वर्ष भी भक्तों में भारी उत्साह है।अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए पंजीकरण 15 अप्रैल से ही शुरू हो चुका है। श्रद्धालु ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से या देशभर की नामित बैंक शाखाओं में जाकर आसानी से अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। श्राइन बोर्ड ने यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए सभी जरूरी प्रबंध पहले से कर लिए हैं।यात्रा में भाग लेने के लिए 13 वर्ष से 70 वर्ष तक के श्रद्धालु ही पात्र होंगे। यात्रा पर जाने से पहले सभी श्रद्धालुओं को अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (सीएचसी) प्राप्त करना होगा। सुरक्षा की दृष्टि से पंजीकृत यात्रियों को आरएफआईडी कार्ड जारी किए जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक यात्री को 10 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर भी प्रदान किया जाएगा। यात्रियों को पहचान पत्र और यात्रा परमिट साथ रखना अनिवार्य होगा। मरनाथ यात्रा दो प्रमुख मार्गों से संचालित की जाएगी। पहला पारंपरिक पहलगाम मार्ग है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 48 किलोमीटर है। यह मार्ग अपेक्षाकृत आसान माना जाता है और अधिकांश श्रद्धालु इस मार्ग को प्राथमिकता देते हैं। दूसरा मार्ग बालटाल है, जो मात्र 14 किलोमीटर लंबा है लेकिन अधिक कठिन और खड़ी चढ़ाई वाला है। दोनों मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन द्वारा यात्रा मार्गों पर बिजली और प्रकाश व्यवस्था, पर्याप्त आवास, चिकित्सा सुविधाएं, पोनी, पिट्ठू और पालकी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा केंद्रों को मजबूत किया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भी व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे हैं ताकि यात्रा पूर्ण रूप से सुगम और निर्विघ्न संपन्न हो सके।
