
संविदा नर्सेज को रिक्त पदों पर समायोजित करने की मांग
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) राज्य की भाजपा सरकार द्वारा चिकित्सा शिक्षा विभाग में में लम्बे समय से अल्प वेतन मानदेय प्राप्त संविदा कार्मिकों की सेवाएं अचानक समाप्त कर दी गई हैं। इससे परेशान होकर जयपुर में सांगानेर गेट स्थित महिला चिकित्सालय में कार्यरत संविदा कार्मिक दीपक ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस पर श्रीगंगानगर में राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन की जिला शाखा द्वारा जिला चिकित्सालय आज जिला अस्पताल परिसर में शोक व्यक्त सभा कर विरोध प्रदर्शन किया गया। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रविन्द्र शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा संविदा कर्मचारियों की अचानक सेवा समाप्ति से प्रदेश भर के नर्सेज में गहरा रोष है। तीन-तीन,चार-चार वर्षों से अल्प मानदेय पर सेवारत नर्सेज की सेवाएं समाप्त कर उनके स्थान पर नए संविदा नर्सेज लगाया जाना न्यायोचित नहीं है। इसी से व्यथित होकर संविदा नर्सिंग कर्मी दीपक द्वारा आत्मदाह किया जाना खेदजनक है। एसोसिएशन ने राज्य सरकार से मांग है कि संविदा भर्ती पर पूर्णतया रोक लगाई जावे और जो नर्सेज संविदा पर कार्य कर रहे हैं, मेरिट और बोनस के आधार पर नियमित नियुक्ति प्रदान की जाए । शोक सभा के बाद एसोसिएशन ने राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसाइटी (राजमेस) के निदेशक के नाम राजकीय मेडिकल कॉलेज से हटाए गए 11 नर्सेज को रिक्त पदों पर समायोजित करने की मांग सम्बन्धी ज्ञापन पीएमओ डॉ सुखपालसिंह बराड़ को दिया गया । पीएमओ से वार्ता के दौरान एसोसिएशन के प्रतिनिधिमण्डल ने बताया कि राजमेस में लगभग 135 और जिला अस्पताल में लगभग 50 पद रिक्त हैं। इस दौरान सोहनलाल वर्मा, शैलेन्द्र शर्मा, सुरेन्द्र गोदारा, गुरुप्रेमसिंह, नवदीपसिंह मान, राहुल मोयल, सुभाष बेनीवाल,खेतपाल, मैनपाल, जयकुमार, दीपांशु, अजीत शर्मा,कुलदीपकौर,नीलम भटेजा, रोशनी ,दिनेश शर्मा,निसार खान,सतनामसिंह, सुसम्मा सीए,मुकेश यादव, मनीष बैरवा , पृथ्वीराज , प्रहलाद सहित एसोसिएशन के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
