
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) रासायनिक खाद और उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से धरती मां सूख रही है, पत्थर की तरह कठोर हो रही है और आने वाले पचास वर्षों में खेती योग्य जमीन पूरी तरह बंजर हो जाएगी । यह गंभीर चेतावनी गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने दी है। वे वर्षों से कुरुक्षेत्र के दो सौ एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती का सफल मॉडल चला रहे हैं और पूरे देश में इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर शोध एवं प्रचार कार्य कर रहे हैं।आचार्य देवव्रत के अभियान से प्रेरित होकर गुजरात में विगत छह वर्षों में करीब दस लाख किसान प्राकृतिक खेती की ओर मुड़ चुके हैं। जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में भाजपा किसान मोर्चा द्वारा आयोजित प्राकृतिक खेती पर एक दिवसीय कार्यशाला में उन्होंने आंकड़ों के साथ रासायनिक खेती और प्राकृतिक खेती की तुलना प्रस्तुत की। उन्होंने जोर देकर कहा कि जमीन, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य का बचाव केवल प्राकृतिक खेती से ही संभव है। इस कार्यशाला में शामिलहुए सादुलशहर पंचायत समिति के डायरेक्टर एवं वरिष्ठ भाजपा नेता ने उपरोक्त जानकारी विस्तार से देते बताया कि कृषि वैज्ञानिकों ने विभिन्न सत्रों में रासायनिक खेती के खतरों से किसानों को आगाह किया। दशकों से यूरिया, डीएपी और अन्य रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से धरती की उर्वरता खत्म हो रही है। इससे कैंसर, डायबिटीज, गुर्दा रोग जैसी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। साठ-सत्तर वर्ष पहले जो प्राकृतिक खेती होती थी, उसी की ओर लौटना जरूरी है। हमने धरती मां की कोख से मित्र कीट, केंचुए और ऑक्सीजन उत्पादक तत्वों को खत्म कर दिया है। आज छोटे बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी बीमारियों से पीड़ित हैं तथा मां का दूध भी जहरीला हो गया है।आचार्य देवव्रत ने कहा कि प्राकृतिक खेती में लागत बेहद कम आती है और इसके उत्पाद को बाजार में ज्यादा कीमत मिलती है। किसानों में इसके प्रति अभी भी भ्रम है, जिसे दूर करने की जरूरत है। कार्यशाला में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किसान हित में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं तथा कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और प्राकृतिक खेती के महत्व पर जोर दिया। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने सांसदों, विधायकों, पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और पूरे प्रदेश से आए किसानों का हार्दिक स्वागत किया। पूरे राजस्थान से हजारों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और किसान इस कार्यशाला में शामिल हुए।कार्यशाला में उपस्थित किसानों ने प्राकृतिक खेती को अपनाने और इसे आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। यह
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