
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) रेलवे दिव्यांग यात्रियों को बेहतर, सुलभ और समावेशी रेल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। जोधपुर रेल मंडल ने फरवरी से मई तक के चार महीनों में शारीरिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों और बच्चों के लिए कुल 830 रेलवे रियायत कार्ड ऑनलाइन बनाकर जारी किए गए हैं। यह पहल दिव्यांगजनों को रेल यात्रा के दौरान किराये में छूट के साथ-साथ डिजिटल सुविधा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने आज बताया कि अब शारीरिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति घर बैठे आसानी से रेलवे रियायत कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट https://divyangjanid.indianrail.gov.in पर जाना होगा। वहां जाकर आवश्यक व्यक्तिगत विवरण भरने होंगे, जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे, सभी जानकारी दोबारा जांच लेनी होगी और अंत में आवेदन सबमिट कर देना होगा। आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में जिला चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और पहचान पत्र शामिल हैं। पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड, पासपोर्ट, पैन कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र का उपयोग किया जा सकता है। आवेदन सबमिट होने के बाद दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। सत्यापन पूर्ण होने पर डीआरएम कार्यालय से रियायत कार्ड जारी किया जाता है और इसे रेलवे के सॉफ्टवेयर में तुरंत अपडेट कर दिया जाता है। इसके बाद जब भी दिव्यांग यात्री टिकट बुकिंग के लिए आवेदन करते हैं तो उन्हें केवल अपने रियायत कार्ड की फोटोकॉपी देनी होती है। फ्टवेयर में कार्ड डिटेल्स दर्ज होते ही यात्री की सारी जानकारी स्क्रीन पर आ जाती है और उसी आधार पर कंसेशन टिकट तैयार हो जाता है। यह पूरी व्यवस्था ई-टिकटिंग पर भी लागू है, जिससे दिव्यांग यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने बताया कि रेलवे रियायत कार्ड बन जाने से दिव्यांग यात्रियों को किराये में छूट मिलेगी और यात्रा के दौरान किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होगी। पहले की कागजी प्रक्रिया और बार-बार सत्यापन की जरूरत अब समाप्त हो गई है।
