
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) ब्रह्माकुमारीज़ के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन आबूरोड में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हजारों लोगों ने एक साथ योग कर तन-मन को स्वस्थ रखने का संदेश दिया। वहीं ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा विश्वभर के 140 देशों में योग कार्यक्रम आयोजित किए गए।संस्था के महासचिव करुणा भाई ने कहा कि जैसे कार को चलाने के लिए लाइसेंस दिया जाता है, वैसे ही इस शरीर को चलाने के लिए आत्मा जरूरी है। आत्मा में शक्ति और पावर राजयोग से मिलती है। राजयोग के अभ्यास से मन सकारात्मक होता है, बुद्धि दिव्य होती है और संस्कार श्रेष्ठ व महान बनते हैं।अतिरिक्त महासचिव मृृत्युंजय ने कहा कि आज से 11 वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री ने भारत के योग का महत्व पूरी दुनिया को बताया था, तब से लेकर प्रतिवर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। हमारी ऋषि-मुनियों ने ध्यान-साधना के माध्यम से भारत की महान संस्कृति और योग का महत्व बताया है। बीके कविता बहन ने कहा कि यदि सभी को स्वस्थ रहना है तो योग जरूर करें।सीए ललित ने सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए प्रतिज्ञा कराई। शांतिवन के योग एक्सपर्ट बाबूलाल ने सभी को योगासन, प्राणायाम के विभिन्न आसन कराए। उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए वरिष्ठ पदाधिकारियों ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। लंबे समय से योग कर रहे भाई-बहनों को भी सम्मानित किया गया। संचालन शिविका बहन ने किया।
