
श्रीगंगानगर। विधायक जयदीप बिहाणी के साथ कथित मारपीट मामले ने अब बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक रूप ले लिया है। इस प्रकरण में विभागीय अधिकारी के समर्थन में राजस्थान काउंसिल ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स खुलकर सामने आ गई है। हनुमानगढ़ में संगठन ने प्रदर्शन कर निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग उठाई। साथ ही चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर के अभियंता आंदोलन करेंगे।
जंक्शन स्थित सिंचाई विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन
राजस्थान काउंसिल ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स के सदस्यों ने शुक्रवार को हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित सिंचाई विभाग कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने श्रीगंगानगर में विधायक के साथ कथित मारपीट मामले में दर्ज कार्रवाई पर सवाल उठाए और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
क्या है पूरा मामला
गुरुवार को श्रीगंगानगर में जनसुनवाई के दौरान विधायक जयदीप बिहाणी के साथ मारपीट होने के आरोप सामने आए थे। इस मामले में आरयूआईडीपी के सहायक अभियंता (एईएन) जगनलाल बैरवा सहित कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद अभियंता संगठन ने इसे एकतरफा कार्रवाई बताते हुए विरोध शुरू कर दिया।
अभियंताओं के सम्मान और सुरक्षा पर हमला: संगठन
संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष बलराम जाखड़ ने कहा कि यह घटना केवल एक अधिकारी का मामला नहीं, बल्कि अभियंताओं के सम्मान और सुरक्षा पर सीधा आघात है। उन्होंने कहा कि यदि अभियंताओं के साथ इस तरह की घटनाएं होती रहीं तो विभागीय कार्य प्रभावित होंगे।
एससी आयोग की निगरानी में जांच की मांग
इंजीनियर्स संगठन ने सरकार को भेजे ज्ञापन में मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच राजस्थान अनुसूचित जाति आयोग की निगरानी में करवाई जाए, ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके।
मोबाइल छीने जाने और CCTV फुटेज पर सवाल
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि घटना के दौरान अभियंताओं के मोबाइल फोन छीने गए। संगठन ने इसकी गहन जांच कराने की मांग की है। साथ ही घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सार्वजनिक करने की मांग करते हुए सवाल उठाया कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद रिकॉर्डिंग उपलब्ध क्यों नहीं है। संगठन ने इसे सुनियोजित घटना बताते हुए साक्ष्य मिटाने की आशंका जताई है।
गिरफ्तारी से पहले मेडिकल नहीं कराने पर नाराजगी
संगठन ने यह मुद्दा भी उठाया कि अभियंताओं की गिरफ्तारी से पहले उनका मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया। इसे गंभीर प्रशासनिक चूक बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी
इंजीनियर्स संगठन ने स्पष्ट कहा कि यदि मामले में निष्पक्ष और समयबद्ध जांच नहीं हुई तो प्रदेशभर के अभियंता लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे। साथ ही जनहितकारी अभियानों और विभागीय गतिविधियों में अभियंताओं की भागीदारी स्थगित करने का भी संकेत दिया गया है।
सरकार से त्वरित हस्तक्षेप की मांग
ज्ञापन में सरकार से मांग की गई है कि इस संवेदनशील मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर न्याय सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और अभियंता वर्ग का विश्वास बना रहे।

