
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) पाकिस्तान के सिंध प्रांत से भारत की शरण में आए हिंदू परिवारों की मुसीबतें अब भी जारी हैं। लगभग आठ वर्ष से श्रीगंगानगर जिले में रह रहे इन परिवारों को अब तक भारतीय नागरिकता नहीं मिल सकी है। इसके कारण वे आधार कार्ड, वोटर कार्ड, राशन कार्ड, जॉब कार्ड और जन आधार कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेज बनाने से वंचित हैं तथा केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं ले पा रहे हैं।सादुलशहर तहसील क्षेत्र के गांव बुधरवाली में शान द्वारा आज आयोजित ग्राम मस्यासमाधान शिविर में अखिल भारतीय किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष कौरसिंह सिधू के नेतृत्व में ग्रामीणों और पाकिस्तानी हिंदू रणार्थियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इन परिवारों को शीघ्र भारतीय नागरिकता देने की मांग की।कौरसिंह सिधू ने बताया कि ये परिवार पाकिस्तान से तंग आकर भारत आए थे। यहां आकर उन्होंने उम्मीद की थी कि वे शांति से अपना जीवन व्यतीत करेंगे, लेकिन आठ वर्ष बीत जाने के बावजूद नागरिकता न मिलने से उनका पूरा जीवन प्रभावित हो रहा है। इन परिवारों में सौ से अधिक बच्चे, बुजुर्ग, युवा और महिलाएं शामिल हैं। इनके पास कोई आय का साधन भी नहीं है।शरणार्थियों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि पाकिस्तान में इस्लामी आतंकवादियों ने उनके मंदिरों और धर्मस्थलों को तोड़ दिया, उनकी संस्कृति को नष्ट कर दिया तथा श्मशान घाटों को भी समाप्त कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उनका पाकिस्तान लौटने का कोई इरादा नहीं है और वे भारत में ही स्थायी रूप से बसना चाहते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से गुजारिश की है कि उनके लंबे समय से लंबित नागरिकता के आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई कर उन्हें भारतीय नागरिकता प्रदान की जाए।
