
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) भारतीय जनता पार्टी ने डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के अवसर पर आज श्रीगंगानगर में जिला कार्यालय में जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया। कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं को डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों, सांस्कृतिक एकता और अखंड भारत के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दिलाया गया।सम्मेलन में मुख्य वक्ता भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री कैलाश मेघवाल ने कहा कि ताकत व्यक्ति के पद या साधनों में नहीं बल्कि उसके विचारों और संस्कारों में होती है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग वक्त के सांचे में ढल जाते हैं जबकि कुछ लोग वक्त के सांचे को बदल देते हैं। डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ऐसे ही युगदृष्टा थे जिन्होंने राष्ट्र को सांस्कृतिक एकता का अमर संदेश दिया। पूर्व विधायक बलवीर सिंह लूथरा ने कहा कि डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी का बलिदान राष्ट्र की एकता, अखंडता और स्वाभिमान के लिए था। उनके आदर्श और सिद्धांत आज भी देश को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष शरणपाल सिंह ने की। मंच पर जिला महामंत्री प्रदीप धेरड़ एडवोकेट, जिला उपाध्यक्ष महेंद्र प्रताप मंडा, पूर्व जिलाध्यक्ष महेंद्रसिंह सोढ़ी तथा बहादरचंद नारंग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।इस अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती अंजू सैनी, जिला महामंत्री रामावतार यादव, जिला उपाध्यक्ष रतन गणेशगढ़िया, चेष्टा सरदाना, शिवप्रकाश तेहरपुरिया, सतपाल कासनियां, डॉ. बिंदिया चौधरी, कंचन नायक, जसकरण सरां, क्रांति चुघ, हनुमान गोयल, मनीराम स्वामी, ईश्वजीतसिंह दानेवालिया,सुशील वर्मा, श्याम धारीवाल, बलविंद्र सिंह मग्गो, सुशील अरोड़ा, धर्मवीर डूडेजा, चंद्रशेखर गौड़, नवल किशोर शर्मा, राजू छाबड़ा, चंद्रलेखा, रेखा नरूला, गोपाल लेघा, गौकर्ण गर्ग, मांगीलाल उपाध्याय, गुरबलपाल सिंह, सुखविंद्रकौर, कमलेश वर्मा सहित अनेक भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।डॉ. मुखर्जी भारत के प्रमुख राष्ट्रवादी नेता, शिक्षाविद् और भाजपा की विचारधारा के प्रेरणास्रोत थे। उनका बलिदान 23 जून 1953 को हुआ था।
