
यात्री को चाकू दिखाकर पैसे मांगे, नहीं देने पर डराया और मोबाइल छीनने की कोशिश; जीआरपी ने केस दर्ज किया
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) श्रीगंगानगर से अंबाला के लिए रवाना हुई इंटरसिटी एक्सप्रेस में एक अज्ञात व्यक्ति ने किन्नर का भेष धारण कर यात्रियों से जबरदस्ती पैसे वसूलने की कोशिश की। सौ रूपए देने से इनकार करने पर उसने यात्री को चाकू दिखाकर धमकाया और उसके मोबाइल फोन को छीनने का प्रयास भी किया। इस घटना ने ट्रेन में सवार यात्रियों में दहशत फैला दी। पीड़ित यात्री की रिपोर्ट पर जीआरपी थाना में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार कल सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे श्रीगंगानगर से अंबाला जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस रवाना हुई। ट्रेन के निकलते ही एक अज्ञात व्यक्ति,जो किन्नर का भेष बनाए हुए था, एक डिब्बे में घुस आया। वह यात्रियों से पैसे मांगने लगा। जो यात्री पैसे नहीं देता था, उसे वह धमकाता या अश्लील हरकतें करता।जीआरपी पुलिस के अनुसार हनुमानगढ़ में सरकारी विभाग में लेखाकार के पद पर कार्यरत प्रेम कुमार (38) निवासी देचू, फलोदी, जोधपुर भी इसी ट्रेन में सवार था। जब किन्नर ने उनसे 100 रूपए मांगे तो उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद आरोपी ने कथित रूप से चाकू दिखाकर उन्हें डराने की कोशिश की और उनका मोबाइल फोन छीनने का भी प्रयास किया।जब ट्रेन हिंदूमलकोट रेलवे स्टेशन पहुंची, तब परेशान यात्रियों ने स्टेशन मास्टर को इसकी शिकायत की कि एक किन्नर यात्रियों को परेशान कर रहा है और पैसे देने के लिए मजबूर कर रहा है। इसी बीच आरोपी वहां से गायब हो गया।इस घटना से आहत होकर प्रेमकुमार ने आगे की यात्रा स्थगित कर दी। वह हिंदूमलकोट से ही वापस श्रीगंगानगर लौट आए और सीधे जीआरपी थाना पहुंचकर लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई।कल देर शाम प्रेमकुमार की रिपोर्ट पर अज्ञात किन्नर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। जांच की जिम्मेदारी हवलदार जगदीश को सौंपी गई है। जीआरपी सूत्रों के अनुसार कुछ यात्रियों ने घटना के समय उक्त अज्ञात व्यक्ति के वीडियो और फोटो अपने मोबाइल फोन में कैद किए थे। पुलिस इन फोटो-वीडियो के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी हुई है।जीआरपी ने साफ आशंका जताई है कि आरोपी असली किन्नर नहीं, बल्कि नकली है। श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन पर ऐसे नकली किन्नरों का आतंक आम बात है। ज्यादातर नशेड़ी युवक किन्नर का भेष धारण कर ट्रेनों में सवार हो जाते हैं और यात्रियों से पैसे ऐंठते हैं।पुलिस के मुताबिक श्रीगंगानगर स्टेशन से पंजाब जाने वाली ट्रेनें जब प्लेटफॉर्म से रवाना होती हैं तो महाराजा गंगासिंह स्टेडियम के पास उनकी गति धीमी हो जाती है। इसी आउटर सिग्नल क्षेत्र से ये नकली किन्नर ट्रेन में सवार हो जाते हैं। अभी यह भी जांच का विषय है कि ट्रेन की गति स्टेडियम के पीछे से गुजरते समय क्यों धीमी की जाती है।
